किडनी का संक्रमण एक गंभीर समस्या है इससे किडनी पूरी तरह खराब हो सकती है , इसलिए जरूरी है कि इस समय रहते इस के प्रति सचेत हो जाए।
किडनी में संक्रमण होना एक आम समस्या है अधिकतर मामलों में किडनी इन्फेक्शन तब होता है जब मूत्रमार्ग या मूत्राशय के संक्रमण के कारण बैक्टीरिया मूत्रवाहिनियों के माध्यम से किडनी में प्रवेश कर जाते हैं इससे एक या दोनों किडनी प्रभावित हो सकती है बुखार, ठंडा लगना, पेट और जांघों के बीच दर्द होना, बार-बर पेशाब आना, और पेशाब करने के दौरान जलन या दर्द होना इसके मुख्य लक्षण है कुछ मरीजों में मिचली और उल्टी, मूत्र में मावद या खून मूत्र में बदबू या मूत्र के बदरंग होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं किडनी में संक्रमण के कई कारण होते हैं
लंबे समय तक पेशाब रुकने की वजह से किडनी में संक्रमण हो जाता है कभी-कभी जन्म से ही किडनी और यूरिनरी ब्लैडर के रास्ते में रुकावट होती है 'पायलोनेफ्राइस ' भी किडनी संक्रमण का एक प्रारूप है आमतौर पर इस से भी अधिक खतरनाक माना जाता है, जिसमें समय से इलाज न होने पर किडनी खराब हो सकती है, हालांकि लंबे समय से इलाज करने पर या संक्रमण जल्दी ठीक भी हो जाता है।
अगर शरीर में कहीं फोड़ा या फुंसी होती है तो इससे भी खून के जरिए किडनी में इन्फेक्शन होने की आशंका रहती है। किडनी में पथरी होने की भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। शुगर (मधुमेह) से ग्रस्त व्यक्ति आसानी से किडनी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं दवाओं के दुष्प्रभाव से भी गुर्दे का संक्रमण हो सकता है
कुछ मामलों में ई. कोलाई नामक बैक्टीरिया किडनी संक्रमण कारण होता है।वेसिकुरेरल रिफ्लेक्स ( मित्र का गलत प्रवाह ) जिसमें मूत्र का कुछ अंश मूत्राशय से वापस मूत्रवाहिनी और गुर्दे में जाने लगता है, भी गुर्दे के संक्रमण की वजह से हो सकती है। गुरुदेव खून से गंदगी को साफ खून शरीर के अन्य अंगों को भेजते हैं। यदि आपको गुर्दे का संक्रमण है तो नुकसानदेह बैक्टीरिया पूरे शरीर में फैल सकते हैं, इसलिए गुर्दों का किसी भी तरह से संक्रमण से मुक्त रहना जरूरी है। कोई समस्या होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
इस बीमारी का इलाज क्या है ?
किडनी में बार-बार संक्रमण होना गंभीर स्थिति की तरफ संकेत करता है। संक्रमण का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट करते हैं। इंफेक्शन की पुष्टि होने पर एंटीबायोटिक और अन्य दवाओं द्वारा उपचार किया जाता है। दवा का प्रकार और उपयोग मरीज के स्वास्थ्य और मूत्र परीक्षण में पाए गए बैक्टीरिया पर निर्भर करता है। आमतौर पर संक्रमण के लक्षण कुछ दिनों के उपचार के बाद ठीक होने लगते हैं, लेकिन इस्तेमाल होने वाली दवाओं का उपयोग एक हफ्ते या उससे अधिक समय तक करने की आवश्यकता होती है गुर्दे की गंभीर बीमारी का संक्रमण से ग्रस्त मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। कुछ मरीजों में गुर्दों की सर्जरी भी आवश्यकता पढ़ सकती है । इस प्रकार से हम बन सकते हैं
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